रेडक्रॉस भवन की दीवार पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने वाले SFJ के दो कथित ऑपरेटिव गिरफ्तार

जालंधर, 8 अक्टूबर (विष्णु): जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) के दो कथित ऑपरेटिवों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर जालंधर के रेडक्रॉस भवन की बाहरी दीवार पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने का आरोप है। पुलिस कमिश्नर जालंधर सतिंदर सिंह आईपीएस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जालंधर ग्रामीण के गांव निहालुवाल निवासी सुखप्रीत सिंह और राजदीप सिंह के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है और उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट व एनडीपीएस एक्ट समेत विभिन्न मामलों में केस दर्ज हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
जानकारी के अनुसार 29 सितंबर 2026 को रेडक्रॉस भवन की बाहरी दीवार पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे मिले थे। इसके बाद प्रतिबंधित संगठन से जुड़े बताए जा रहे गुरपतवंत सिंह पन्नू की ओर से भी इस घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था।
पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने बताया कि घटना सामने आते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। डीसीपी सिटी आदित्य वारियर आईपीएस और डीसीपी इन्वेस्टिगेशन मनप्रीत सिंह ढिल्लों पीपीएस की निगरानी में पुलिस टीमों ने जांच को आगे बढ़ाते हुए दोनों आरोपियों को ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया अंबेडकर प्रतिमा तोड़ने का मामला
पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर एक और गंभीर वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस का कहना है कि 14 और 15 सितंबर की दरम्यानी रात उन्होंने होशियारपुर के चब्बेवाल के नजदीक गांव बरियां कलां में भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा से तोड़फोड़ की थी।
इस मामले में थाना चब्बेवाल में FIR नंबर 130, दिनांक 15 सितंबर 2026, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298 के तहत पहले ही मामला दर्ज है।
वहीं रेडक्रॉस भवन की दीवार पर नारे लिखने के मामले में थाना डिवीजन नंबर 6 जालंधर में FIR नंबर 301, दिनांक 29 सितंबर 2026, BNS की धाराओं 147, 152, 196, 61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66F के तहत केस दर्ज किया गया है।
दोनों आरोपियों को पुलिस जल्द ही अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल करेगी। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान कथित साजिश के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगाले जाएंगे तथा इस मामले में शामिल अन्य सहयोगियों की पहचान करने के लिए पूछताछ की जाएगी।

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