


जालंधर, 25 सितंबर (विष्णु): पंजाब विजीलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जालंधर में एक निजी पासपोर्ट एजेंट को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरदीप कौर के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने पासपोर्ट कार्यालय, जालंधर के अधिकारियों से कथित जान-पहचान के जरिए शिकायतकर्ता का पासपोर्ट जल्द जारी करवाने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
विजीलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्रवाई गांव कंडोला खुर्द, तहसील फिल्लौर, जिला जालंधर निवासी एक महिला की शिकायत पर की गई। शिकायतकर्ता ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था और उसकी पुलिस वेरिफिकेशन पूरी हो चुकी थी। इसके बावजूद जब वह मूल दस्तावेज लेकर पासपोर्ट कार्यालय पहुंची तो संबंधित कर्मचारी ने उसे बताया कि उसकी पुलिस वेरिफिकेशन अभी पूरी नहीं हुई है।
पासपोर्ट कार्यालय से बाहर निकलने के बाद दो निजी पासपोर्ट एजेंटों एन.पी. सिंह और हरदीप कौर ने पासपोर्ट कार्यालय के पास एक बूथ के बाहर उससे संपर्क किया। आरोप है कि दोनों ने पासपोर्ट अधिकारी के माध्यम से बिना पुलिस वेरिफिकेशन के जल्द पासपोर्ट जारी करवाने के बदले 35 हजार रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत की मांग संबंधी बातचीत रिकॉर्ड कर ली।
रिश्वत देने से इनकार करते हुए शिकायतकर्ता ने विजीलेंस ब्यूरो रेंज जालंधर से संपर्क किया। शिकायत की जांच के बाद विजीलेंस टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में जाल बिछाया और हरदीप कौर को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया।
विजीलेंस के अनुसार, मामले में दूसरे आरोपी नरिंदर पाल सिंह उर्फ एन.पी. सिंह की गिरफ्तारी अभी बाकी है। वहीं, जांच के दौरान पासपोर्ट कार्यालय के संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ विजीलेंस ब्यूरो थाना जालंधर में भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
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