


जालंधर, 20 सितंबर (विष्णु): रूस के शहर एकातेरिनबर्ग में आयोजित वर्ल्ड यूथ फेस्टिवल 2026 पूरे जोश और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। एक सप्ताह तक चले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में 191 देशों के 10 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दुनिया भर से पहुंचे युवाओं, कलाकारों, विशेषज्ञों और मीडिया कर्मियों का स्वागत करते हुए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
फेस्टिवल के दौरान युवाओं और विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य, शिक्षा, तकनीक, रोजगार और नवाचार जैसे विषयों पर विभिन्न सेमिनार आयोजित किए गए।
इसके अलावा आईटी और आधुनिक तकनीक से जुड़े विशेष शोकेस लगाए गए, जिनमें रूस की तकनीकी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। यहां आधुनिक रोबोट, अत्याधुनिक कारें और चौपहिया वाहन आकर्षण का केंद्र रहे। कृषि क्षेत्र में आधुनिक ट्रैक्टरों और तकनीक के माध्यम से कृषि में संभावित बदलावों को भी प्रदर्शित किया गया।
शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी क्षेत्र में रूस की प्रगति को भी विभिन्न प्रस्तुतियों और प्रदर्शनों के माध्यम से दर्शाया गया। फेस्टिवल में रूस की संस्कृति, खान-पान और जीवनशैली से भी दुनिया भर से पहुंचे प्रतिभागियों को रूबरू करवाया गया।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया कर्मियों के लिए विशेष मीडिया सेंटर स्थापित किया गया था, जहां मीडिया कवरेज के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं। विभिन्न देशों से पहुंचे पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों ने फेस्टिवल की गतिविधियों को कवर किया।
भारत की ओर से भी 200 से अधिक प्रतिभागियों ने फेस्टिवल में हिस्सा लिया। इनमें विद्यार्थी, युवा, विशेषज्ञ, मीडिया कर्मी, ब्लॉगर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शामिल रहे। भारतीय प्रतिभागियों ने विभिन्न कार्यक्रमों, सेमिनारों और प्रदर्शनों में भाग लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने अनुभव साझा किए।
फेस्टिवल के दौरान रूस में आम जनजीवन और
विभिन्न गतिविधियां सामान्य रूप से चलती दिखाई दीं। आयोजकों की ओर से रूस की तकनीकी, सांस्कृतिक और सामाजिक उपलब्धियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।
भारत से प्रतिभागियों की टीम को भेजने में नेशनल प्रिपरेटरी कमेटी (एनपीसी) के वाइस चेयरमैन वरुण कश्यप और सचिव उदय सूद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रतिभागियों के चयन से लेकर उनके रूस रवाना होने और वापसी तक दोनों पदाधिकारी पूरी टीम के संपर्क में रहे तथा व्यवस्थाओं में सहयोग करते रहे।
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