NRI की मौत के बाद ‘जमीन का खेल’! 15 दिन में 11 रजिस्ट्रियां, एक ही दिन में 7—AAP पार्षद परिवार पर गंभीर आरोप

जालंधर, 26 सितंबर (विष्णु): जालंधर में आम आदमी पार्टी के वार्ड नंबर-20 के पार्षद मनमोहन सिंह राजू और उनके बेटों सुमित सिंह व जसमीत सिंह उर्फ शुभम पर एक एनआरआई की मौत के बाद उसकी पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर जमीन की रजिस्ट्रियां कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीनानाथ प्रधान ने शनिवार को प्रेस क्लब में प्रेस कांफ्रेंस कर इन आरोपों को सामने रखा।
दीनानाथ प्रधान ने आरोप लगाया कि अमेरिका निवासी एनआरआई दलमिंदर सिंह मिन्हास ने करीब 40 मरले जमीन के संबंध में सुमित सिंह के नाम पावर ऑफ अटॉर्नी जारी की थी। यह जमीन लद्देवाली में कृष्णा स्वीट के पीछे बताई गई है। प्रधान के अनुसार, दलमिंदर सिंह मिन्हास की अमेरिका में मृत्यु हो गई थी और उनके भाई ने 1 सितंबर को सोशल मीडिया पर उनकी मौत की सूचना पोस्ट की थी। 4 सितंबर को अंतिम अरदास और भोग की वीडियो भी फेसबुक पर लाइव की गई।
एक सितंबर से 15 सितंबर तक 11 रजिस्ट्रियों का दावा
दीनानाथ प्रधान ने आरोप लगाया कि एनआरआई की मौत के बाद भी उसी दिन यानी 1 सितंबर से जमीन की रजिस्ट्रियां करवाने का सिलसिला शुरू हो गया और 15 सितंबर तक अलग-अलग तारीखों में कुल 11 सेल डीड करवाई गईं। उन्होंने दावा किया कि इनमें से कई रजिस्ट्रियों में सुमित सिंह ने पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर विक्रेता के तौर पर कार्रवाई की, जबकि उनके भाई जसमीत सिंह उर्फ शुभम गवाह बने।
प्रधान के अनुसार, 1 सितंबर को तरनदीप कौर के नाम 3 मरला 229 वर्ग फुट, 2 सितंबर को मनीषा के नाम 3 मरला 164 वर्ग फुट और 4 मरला 79 वर्ग फुट की दो रजिस्ट्रियां हुईं। इसी दिन ज्योति के नाम 4 मरला 232 वर्ग फुट, डोली शर्मा के नाम 4 मरला 78 वर्ग फुट, बलविंदर कौर के नाम 7 मरला 228 वर्ग फुट, मनीष कुमार के नाम 3 मरला 234 वर्ग फुट तथा सन्नी व तमन्ना के नाम 4 मरला 9 वर्ग फुट जमीन की रजिस्ट्रियां किए जाने का दावा किया गया।
इसके अलावा 3 सितंबर को मुश्ताक आलम के नाम 2 मरला 86 वर्ग फुट, 8 सितंबर को जेसिका शर्मा के नाम 3 मरला 235 वर्ग फुट और 15 सितंबर को ज्योति सैनी के नाम 4 मरला 78 वर्ग फुट जमीन की रजिस्ट्री होने की बात कही गई।
एक ही दिन में सात रजिस्ट्रियों का दावा
कांग्रेस नेता ने कहा कि उपलब्ध विवरण के अनुसार 2 सितंबर को ही सात अलग-अलग रजिस्ट्रियां कराए जाने का दावा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पावर ऑफ अटॉर्नी देने वाले व्यक्ति की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी तो उसके बाद उक्त दस्तावेज के आधार पर संपत्ति की बिक्री कैसे की गई।
दीनानाथ प्रधान ने यह भी आरोप लगाया कि कुल रजिस्ट्रियों में करीब 43 मरला 469 वर्ग फुट जमीन शामिल है, जबकि उनके अनुसार संबंधित पावर ऑफ अटॉर्नी करीब 40 मरले की जमीन के लिए थी। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है।
डीसी, पुलिस कमिश्नर, विजीलैंस और सीएम दफ्तर में शिकायत देने की बात
दीनानाथ प्रधान ने कहा कि वह इस मामले को लेकर जालंधर के डिप्टी कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर, पंजाब विजीलैंस ब्यूरो, मुख्यमंत्री कार्यालय, इनकम टैक्स विभाग और ईडी के समक्ष शिकायत करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन के इन सौदों में लाखों रुपये का लेन-देन शामिल है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
हालांकि, प्रेस कांफ्रेंस में लगाए गए ये आरोप शिकायतकर्ता दीनानाथ प्रधान के हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित रजिस्ट्रियों व दस्तावेजों की आधिकारिक जांच का निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। पार्षद मनमोहन सिंह राजू और उनके बेटों का पक्ष इस सामग्री में उपलब्ध नहीं है।

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